Akbar के बारे में great कहे जाने के पीछे जो चीजे हमे इतिहास में लिखी हुई मिलती है उनकी बात हम बात में करेंगे लेकिन पहले हम बात करते है कि akbar क्यों great नहीं था तो इस बारे में लोगो का कहना है कि इतिहास चूँकि उस जमाने में लिखा गया है जब वह राज कर रहा था तो इसका निष्पक्ष होना जरुरी नहीं है , हालाँकि यह ठीक बात है और दूसरी जो बात लोग कहते है वो ये कि वह भी एक सामान्य राजा था जिसमे एक राजा होने के तमाम दुर्गुण शामिल थे जो किसी भी बड़े राज्य के सत्तारूढ़ राजा में होते है जैसे कि वह बेहद कामुक , अय्याश था और उसके “हरम” में बहुत सी औरतें थी जिनकी संख्या करीब 5000 बताई जाती है जिन्हें वह अपने और अपने राज्य के कर्मचारियों के मनोरंजन के लिए रखता था | उसके अनुसार औरतें केवल ऑब्जेक्ट थी | अब अगर इस बात को समझे तो यह समझना मुश्किल नहीं है कि सत्ता के साथ शराब और दूसरे तरह के नशे के अलावा जितना कुछ भी है जो हम आज के दौर में गलत मानते है वो सब पहले की संस्कृति का हिस्सा था भले ही वो गलत ही क्यों न हो और कुछ गिने चुने राजाओं की बात अगर नहीं करें तो करीब करीब सभी तरह के राजाओं ने अपने राजकाल में ऐश की है और अय्याशी की सारी हदें पार की है और राजनीति की बात करें तो यह सिलसिला आज भी जारी है | इसलिए हम इस बारे में सटीक सटीक कुछ भी नहीं कह सकते कभी भी कि जो history हमे पढने में आती है वह कितनी सच है या कितनी झूट है लेकिन हाँ जो जानकारी हमे इतिहास से मिलती है उस बारे में हम कुछ जानकारियां उस जमाने को समझने में उपयोग कर सकते है और इस आर्टिकल का मक़सद भी यही है हम यंहा akbar वाकई में great था या नहीं इस पर बहस के लिए यह आर्टिकल नहीं लिख रहे जबकि इतिहास में जो चीजे लिखी है उसे आसानी से उपलब्ध करवाने के नजरिये यह आर्टिकल लिखा गया है तो चलिए आगे बात करते है |
अब बात करते है कि इतिहास के अनुसार akbar क्यों great था तो उसके पक्ष में निम्न तर्क है जो history में देखने को मिलते है
अब बात करते है कि इतिहास के अनुसार akbar क्यों great था तो उसके पक्ष में निम्न तर्क है जो history में देखने को मिलते है
- 1562 में अकबर ने युद्ध बंदियों को बंदी बनाये जाने और उनकी पत्नी और बच्चो को खुले मार्किट में नीलाम करने को निषेध कर दिया |
- 1563 में उसने jaziya tax और pilgrimage tax जैसे टैक्सेज को ख़त्म कर दिया जो गैर मुस्लिम लोगो पर लगाये जाने वाले टैक्स थे और इसलिए लगते थे कि वह लोग अपने पूजा पाठ के लिए पवित्र माने जाने वाले स्थानों पर जाते थे या एक से दूसरी जगह जाते थे उसने 1564 मे यह नियम बना दिया कि इसके लिए दूसरे नजरिये से टैक्स लगाया जायेगा कि कोई व्यक्ति कितना धनी है बजाय इसके कि धर्म के आधार पर टैक्स देना पड़े |
- akbar पहला ऐसा शासक था जिसने अपने मंत्रिमंडल में हिन्दू लोगो को भी जगह दी थी और हिन्दुओ के लिए यह एक मौका था कि वह भी अपने राज्य के काम काज और उस से जुड़े फैसलों में अपनी भागीदारी दे सकते थे क्योंकि इस से पहले किसी भी मुग़ल साम्राज्य में ऐसी व्यवस्था नहीं थी कि हिन्दू किसी अच्छी रैंक के अधिकारी की पोस्ट पर काबिज हो सके |
- ऐसा कहा जाता है कि अकबर ने अपने राज्य में बाल विवाह को बैन कर दिया था और लडकियों के लिए 14 साल और लड़कों के लिए 16 साल की उम्र निर्धारित थी |
- अकबर ने marriage tax का प्रावधान किया ताकि बहुविवाह की प्रथा को कम से कम किया जा सके |
- अकबर ने विधवा विवाह की प्रथा को भी बल दिया साथ ही उसने सती प्रथा भी को भी बैन कर दिया और सभी अधिकारियो को इस पर अमल करवाने के लिए बाध्य किया कि यह केवल एक ही स्थिति में होना चाहिए जब कोई औरत यह चाहती हो कि वह अपने पति के साथ सती होना चाहती है |
- Akbar ने सिविल लॉ की अलग से व्याख्या की और इस तरह की व्यवस्था लागू की जिसमे सभी धर्म अपने अपने रीति रिवाजों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अपनी अपनी policy बना सकते थे |
- Akbar ने हिन्दू धर्म के हिसाब से पवित्र माने जाने वाले दिनों पर मांस के बिकने पर भी पाबन्दी लगा दी ताकि दूसरे धर्म के लोगो की भावनाओं का भी ख्याल रखा जा सके |
- उसने हिन्दू साहित्य का अनुवाद करवाने के लिए भी अलग से व्यवस्था की ताकि हिन्दुओं के रीति रिवाज को भी गहराई से समझा जा सके |
इसके अलावा बहुत से फैक्ट्स है जो यह दिखाते है कि अकबर अपने से पहले वाले मुग़ल शासकों से बहुत अलग था और उसके अपनी प्रजा के लिए बहुत ईमानदारी दिखाई जिसकी वजह से उसका साम्राज्य इतना फैला हुआ और इतना स्थायित्व लिए हुए था |
नोट – अधिकांश तथ्य इन्टरनेट से प्राप्त विभिन्न सूत्रो से लिए गये है इसलिए हम इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते है
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