Monday, December 7, 2015

डेटा कैसे रिकवर करे अगर मेमोरी कार्ड धोका दे जाये ??


लोगों की आदत होती है, कि डिवाइस की प्रोसेसिंग पर बुरा असर न पड़े और ज़रा-सी चिप में कहीं भी अपना पूरा डेटा लेकर घूम सकें,
इसके लिए वे एसडी कार्ड्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एसडी कार्ड्स का क्या भरोसा? दगा दे दी तो?
और उसके बारे में तो आप प्रिडिक्ट भी नहीं कर सकते कि वह छोटा-सा मेमरी चिप कब डैमेज या करप्ट हो जाएगा।
 आपकी हजारों-लाखों तस्वीरें, गाने, दर्जनों डॉक्युमेंट्स सब दांव पर लग सकते हैं। जब मेमरी कार्ड दे जाए धोखा, तो कैसे रिकवर करेंगे डेटा?
1. सबसे पहले कार्ड का टाइप पता करें: सबसे पहले, अपने कार्ड का टाइप पता करें मसलन वह सामान्य एसडी कार्ड है या हाई कपैसिटी एसडी कार्ड है।
यह जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि अलग-अलग तरह के कार्ड्स की मेमरी ऐलोकेशन फॉर्मैटिंग अलग-अलग होती है।
2. डिवाइस मैन्युफैक्चरर की साइट पर जाएं: अगर आपका डेटा SDHC कार्ड पर है, तो आपको इसे रीड करने के लिए SDHC डिवाइस की जरूरत होगी।
कुछ डिवाइसों के लिए सॉफ्टवेयर डाउनलोड उपलब्ध होंगे जिनसे उसे अपग्रेड कर इन कार्ड्स को रीड किया जा सके।
 इसलिए, डिवाइस मैन्युफैक्चरर की वेबसाइट पर विजिट करें और देखें कि क्या वहां ऐसा कोई अपग्रेड उपलब्ध है?
3. रीडर में कार्ड लगाएं: अगर इस रीडर को कोई ड्राइव लेटर असाइन नहीं किया गया है तो कम्प्यूटर इसे रीड नहीं करेगा।
कुछ केसों में रीडर को एक ड्राइव लेटर तो असाइन हो जाएगा, लेकिन जब आप उसे क्लिक करेंगे, तो आपको ड्राइव ई इन्सर्ट करने का इन्स्ट्रक्शन आएगा।
 यानी कार्ड रीड नहीं हो रहा है।
4. एसडी कार्ड को स्कैन करें: कई बार कार्ड स्कैन करने से समस्या सुलझ जाती है।
 जरूरी नहीं है कि इससे करप्ट फाइल ठीक हो जाए, लेकिन ट्राई किया जा सकता है।
 माई कमप्यूटर्स या विंडोज एक्सप्लोरर से कार्ड ढूंढ कर उसपर राइट-क्लिक करें। पॉप-अप मेन्यू से प्रॉपर्टीज पर जाएं।
 यहां आपको एक नया विंडो दिखाई देगा जिसमें पाई चार्ट बना होगा। अब टूल्स टैब को सिलेक्ट करें और फिर 'एरर चेकिंग' बटन पर क्लिक करें।
फिक्सिंग फाइल सिस्टम एरर्स के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।
5. अब भी इनैक्सेसिबल हो तो: संभव है कि डायरेक्ट्री फाइलों के नाम की लिस्ट बना ले, पर वे ऐक्सेस न हो पाएं।
ऐसे केस में ड्राइव लेटर पर राइट क्लिक कर 'प्रॉपर्टीज' सिलेक्ट करें। पाई चार्ट में डिवाइस का यूज्ड स्पेस दिखाई देगा।
अगर वह बिलकुल फ्री स्पेस दिखाता है तो या तो फाइलें डिलीट हो गई हैं, या फिर डायरेक्ट्री इरेज हो गई है।
 इस केस में फाइल रिकवरी या अनडिलीट प्रोग्राम फंक्शन से मदद मिल सकती है।
6. अगर फाइल न बचा पाएं: अगर आपका कार्ड ठीक से रीड हो पा रहा हो पर आप फाइल सेव न कर पाएं, तो कार्ड पर राइट प्रोटेक्शन हो सकता है।
कार्ड के एज पर बने 'लॉक' पर जाएं और उस लॉक को खोलें। उसे तब सेव करें जब कार्ड अनलॉक्ड हो।


Wednesday, December 2, 2015

कम्प्यूटर्स की जगह ले रहे हमारे मोबाइल फ़ोन्स।


                                                                       
आज हमरे हाथों जो मोबाइल फोन्स है किसी कंप्यूटर से काम नहीं है क्योंकि आज मोबाइल समार्ट फोन्स बन चुके है । इनकी सहायता से हम आज दुनिया के किसी भी कोने न केवल बात ही कर सकते है बल्कि इंटरनेट के द्वारा किसी भी प्रकार का मैसेज लिख कर बोल कर या फोटो बना कर डाल सकते है । फोटो एडिटिंग कि दुनिया में स्मार्ट फ़ोन्स ने काफी बड़ी क्रांति की है । स्मार्ट फ़ोन्स की सहायता हम किसी भी प्रकार की वीडियो को किसी भी प्रकार से एडिट कर सकते है । इस काम को करने के लिए स्मार्ट फ़ोन्स में adobe ने अडोब प्रीमियर क्लिप नामक ऐप लांच किया है जो की आपको बहुत सी आकर्षक सुविधाएं देता है  । जैसे कि :-

1  स्लो मोशन इफ़ेक्ट .
2  आसानी से फोटो और वीडियो क्लिप्स अस्सेम्ब्ल हो जाती है .
3  वीडियो को अलग अलग लाइट शेड दिया जा सकता है .
4  आप अपना पसंदीदा म्यूजिक किसी भी वीडियो में ऐड कर सकते है .
5  फेसबुक ट्विटर और यूट्यूब पर इंस्टेंट शेयरिंग फीचर .
इसी  प्रकार मार्किट में बहुत से सॉफ्टवेयर मौजूद है जिनकी सहायता से आप अपनी आवाज को भी लड़की की आवाज में और लड़की की आवाज को लड़के की आवाज में बदल कर बात कर सकते है और अगर आप अपने बेड रूम या किसी गार्डन में है और आपके बोस का फोन आ जाये तो आप एक सॉफ्टवेयर एक्टिव करे आपसे बात करने वाले को लगेगा की आप किसी बहुत बड़े ट्रैफिक जैम में फसे हुए हो । इस प्रकार हमारे स्मार्ट फोन कम्प्यूटर्स को भी पीछे छोड़ रहे है ।

Tuesday, December 1, 2015

बच्चों के खिलोने वीडियो गेम्स आदि भी हैकरों से सुरक्षित नहीं ।

                                                                       
कुछ सप्ताह पहले हैकरों ने जालंधर की एक नामी कंपनी जो की बच्चों के लिए लर्निंग टॉयज बनती है के ऐप स्टोर को हैक कर के लाखों बच्चों के लिंग नाम और जन्म तारिख की जानकारी हासिल कर ली है ।
उल्लेखनीय है कि इस तरह बच्चों की एकाउंट्स की जानकारी हैक होना यह साबित करता है कि इंटरनेट पर कुछ भी सुरख्शित नहीं है ।
आज के समय में हम टेक्नोलॉजी पर बहुत जयादा निर्भर करते है परंतू यह भी एक गहन चिंता का विषय है की क्या हम जो टेक्नोलॉजी हम प्रयोग कर रहे है सुरखित है भी या नहीं  और अगर हाँ तो किस  हद तक हम इस पर भरोसा कर सकते है ।

सीधी बिक्री ( डायरेक्ट मार्केटिंग) लाखों रुपये महीना कमाने का बिज़नेस ।

डायरेक्ट सेलिंग या मल्टीलेवल मार्केटिंग आज के युग में बढ़ती हुई इंडस्ट्री है ।आज आप किसी क्षेत्र में देख लो आपको कोई भी जॉब या कारोबार नहीं ...