हमने अक्सर सुना है कि भारत एक आमिर देश है पर यहाँ रहने वाले गरीब लोग है ।हमने यह भी सुना है कि भारत कभी सोने कि चिड़िया हुआ करता था। यहाँ दूध दही की नदिया बहती थी ।फिर ऐसा क्या हुआ कि इस देश के लोग गरीब बनकर रह गए।
इस प्रश्न के उत्तर में हम तरह तरह के उत्तर दे सकते है जैसे कि भरष्टाचार ,विदेशी बैंकों में जमा या देश में ही छुपा कर रक्खा गया काला धन या फिर कोई और कारन भी गिनवा सकते है ।जबकि सच्चाई यह नहीं है।सच्चाई यह है कि इसके लिए हम खुद उत्तरदायी है ।यह जानकारी चौंका देने वाली है कि भारत जैसे बड़े देश में केवल 3 प्रतिशत लोग ही ऐसे है जो सम्मानजनक कमाई कर रहे है इसका अर्थ यह है कि यह 3 प्रतिशत लोग ही अपना income tax भरते है ।वित्तमत्रालय कि रिपोर्ट बताती है कि इन 3 प्रतिषत लोगों में भी 89 प्रतिशत लोग ऐसे है जिनकी वार्षिक आये 5 लाख रूपये से कम है ।अभी आप खुद सोच सकते है कि भारत के लोग कितना कमाते है । देश कि अधिकांश जनता पुरानी परम्परा को आज भी निभा रहे है जिसमें एक कमाता है और बाकी सब बैठ कर खाते है इस लिए देश आज इतना कर्ज़दार हो गया कि यहाँ पैदा होने वाला हर बच्चा 33 हजार का कर्ज़दार होता है वहीँ जापान जैसा छोटा सा देश जहाँ पर प्राकर्तिक आपदाये आती ही रहती है वो देश फिर वैसे का वैसा बन जाता क्योंकि वहां बड़ों से लेकर बच्चे तक सभी कमाते है जापानी लोग कहते है कि अगर उनसे सब कुछ छीन लिया जाये तो वो 6 महीनों के अंदर सब कुछ वापिस पालेंगे ।
भारत में आज भी अधिकांश लोगों कि मानसिकता यह है कि औरतों को केवल घर में रह कर घर के काम करना चाहिए और अपना घर संभालना चाहिए और बच्चे केवल पढ़ने के लिए होते है तो युवा केवल नौकरी करने के लायक होते है हर माता पिता अपने बच्चे को अपना सब ककुछ लूटा कर पढ़ाते है तांकि उसको एक अच्छी नौकरी मिल जाये और उसकी ज़िंदगी का गुजरा हो जाये ।
इस प्रश्न के उत्तर में हम तरह तरह के उत्तर दे सकते है जैसे कि भरष्टाचार ,विदेशी बैंकों में जमा या देश में ही छुपा कर रक्खा गया काला धन या फिर कोई और कारन भी गिनवा सकते है ।जबकि सच्चाई यह नहीं है।सच्चाई यह है कि इसके लिए हम खुद उत्तरदायी है ।यह जानकारी चौंका देने वाली है कि भारत जैसे बड़े देश में केवल 3 प्रतिशत लोग ही ऐसे है जो सम्मानजनक कमाई कर रहे है इसका अर्थ यह है कि यह 3 प्रतिशत लोग ही अपना income tax भरते है ।वित्तमत्रालय कि रिपोर्ट बताती है कि इन 3 प्रतिषत लोगों में भी 89 प्रतिशत लोग ऐसे है जिनकी वार्षिक आये 5 लाख रूपये से कम है ।अभी आप खुद सोच सकते है कि भारत के लोग कितना कमाते है । देश कि अधिकांश जनता पुरानी परम्परा को आज भी निभा रहे है जिसमें एक कमाता है और बाकी सब बैठ कर खाते है इस लिए देश आज इतना कर्ज़दार हो गया कि यहाँ पैदा होने वाला हर बच्चा 33 हजार का कर्ज़दार होता है वहीँ जापान जैसा छोटा सा देश जहाँ पर प्राकर्तिक आपदाये आती ही रहती है वो देश फिर वैसे का वैसा बन जाता क्योंकि वहां बड़ों से लेकर बच्चे तक सभी कमाते है जापानी लोग कहते है कि अगर उनसे सब कुछ छीन लिया जाये तो वो 6 महीनों के अंदर सब कुछ वापिस पालेंगे ।
भारत में आज भी अधिकांश लोगों कि मानसिकता यह है कि औरतों को केवल घर में रह कर घर के काम करना चाहिए और अपना घर संभालना चाहिए और बच्चे केवल पढ़ने के लिए होते है तो युवा केवल नौकरी करने के लायक होते है हर माता पिता अपने बच्चे को अपना सब ककुछ लूटा कर पढ़ाते है तांकि उसको एक अच्छी नौकरी मिल जाये और उसकी ज़िंदगी का गुजरा हो जाये ।