एक दिन एक स्कूल की टीचर ने मजाक मजाक में बच्चों से कहा कि कल जो भी बच्चा स्वर्ग से मिटटी ले कर आएगा मैं उसको इनाम दूंगी तो दूसरे दिन जब टीचर ने क्लास में पुछा कि कौन स्वर्ग से मिटटी लेकर आया है ।
सभी बच्चे चुप हो गए उनमें से एक बच्चा बोला यह लो टीचर मैं लाया हूँ स्वर्ग से मिटटी तो टीचर हैरान हुई और उसने बच्चे को डांटा बोली कहाँ से लाया है यह मिटटी उठा कर।
बच्चा बड़ी ही मासूमियत से बोला अपनी माँ के पैरों के निचे से टीचर बहुत ही भावुक हुई और उसने बच्चे को अपने गले से लगा लिया।
न अपनों से खुलता है न ही गैरों से खुलता है
यह जन्नत का दरवाजा है मेरी माँ के पैरों से खुलता है
मेरी माँ के पैरों से खुलता है ।
सभी बच्चे चुप हो गए उनमें से एक बच्चा बोला यह लो टीचर मैं लाया हूँ स्वर्ग से मिटटी तो टीचर हैरान हुई और उसने बच्चे को डांटा बोली कहाँ से लाया है यह मिटटी उठा कर।
बच्चा बड़ी ही मासूमियत से बोला अपनी माँ के पैरों के निचे से टीचर बहुत ही भावुक हुई और उसने बच्चे को अपने गले से लगा लिया।
न अपनों से खुलता है न ही गैरों से खुलता है
यह जन्नत का दरवाजा है मेरी माँ के पैरों से खुलता है
मेरी माँ के पैरों से खुलता है ।
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